शब्दों में तुम्हें वह उलझाए रखते
सुर ओर ताल से तुम्हें सहलाते
उनकी लगन में गर हो गए मगन
अतीत के आंगन में खेलकर वह आते
गीत सिर्फ गीत नहीं होते ।
कभी तुम बैठे हो उदास उदास
कोई अपना भी न हों तुम्हारे पास
चुटकी भर खुशी लेके पहुंचेंगे गीत
दोस्त, हमराही,फरिश्ता या मीत
जो तुम चाहो वही बन जाते
गीत सिर्फ गीत नही होते
दिलों की दूरियों को यह करते है कम
बाँटने चले आते खुशी हो या गम
प्यार उनका देख आँखे हो जाए नम
जोश उनका देखकर चलने लगे कदम
बदलाव का बिगुल भी यही है बजाते
गीत सिर्फ गीत नही होते
तो चलो इन गीतों से दोस्ती कर लें
रंग इनसे लेकर, सपनों में भर लें
इनके आँखों देंखें आज और कल
हर पल से हम खुशी को चुन लें
अनोखी एक ऐसी सौगात है लाते
गीत सिर्फ गीत नहीं होते
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