मेरी कहानी...

 कभी मै बनके तुम....

मुझको देखो तो जानो...

सह गई हूँ मैं कीन....

घावों को अक्सर....


मैने हंसकर तेरा...

बोझ सारा लिया...

तुने जी भर जीया है...

मेरे हीस्से का बचपन...


मेरे पहले ही तेरी

बारी थी हर वक्त....

चाहे खाने की बात हों

या हो कोई खिलौना .....


कभी आसान ना थी....

यह मंजिल यह सफर....

होंसलों से...बुलंद की....

हर मुश्किल डगर.


अब मैं तुझसे बडी हूँ....

दुनिया से लडी हूँ.....

हर एक जगह मैं ....

पैर गड कर खडी हूँ....


सोच अब तुझे तो

बदलनी पडेगी.....

मेरी पहचान ही अब 

तुझसे भीडेगी....


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दिल